लोकतंत्र की रक्षा के लिए जागरूक रहना होगा: अनुज शर्मा

लोकतंत्र की रक्षा के लिए जागरूक रहना होगा: अनुज शर्मा
कोरबा प्रेस क्लब में आपातकाल को बताया लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय
कोरबा (छत्तीसगढ़ महिमा)। 27 जून 2026, कोरबा प्रेस क्लब तिलक भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में धरसीवाँ विधायक अनुज शर्मा ने वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल को लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय बताया। इस अवसर पर संविधान हत्या दिवस के विरोध में मौन पदयात्रा भी निकाली गई। धरसींवा विधायक अनुज शर्मा ने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के बाद सत्ता बचाने के उद्देश्य से देश में आपातकाल लागू किया गया, जिसके चलते विपक्षी नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों की बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां हुईं। उन्होंने कहा कि उस दौर में नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हनन किया गया तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता प्रभावित हुई।
उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान सबसे बड़ा प्रहार मीडिया की स्वतंत्रता पर हुआ। प्रेस पर सेंसरशिप लागू की गई, अखबारों पर नियंत्रण स्थापित किया गया और सरकार के विरोध में आवाज उठाने वालों पर कार्रवाई की गई। उनके अनुसार लोकतंत्र में स्वतंत्र प्रेस, न्यायपालिका और विपक्ष की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।
अनुज शर्मा ने कहा कि देश की युवा पीढ़ी को आपातकाल के इतिहास और उससे मिले लोकतांत्रिक सबक की जानकारी होना आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसी परिस्थितियां दोबारा उत्पन्न न हों। उन्होंने लोकतंत्र, संविधान और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए समाज के सभी वर्गों से सदैव सजग और जागरूक रहने का आह्वान किया।