सरायपाली - महासमुन्द जिला अन्तर्गत फुलझर क्षेत्र के ग्राम बिरसिंगपाली में उरांव समाज का औचक बैठक रखा गया था. जिसमें समाज के उपस्थित प्रबुद्धजनों ने विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किए जिसमें प्रमुख रुप से गूगल/ज़ूम मीटिंग के माध्यम से बच्चों को कुडूख भाषा में शिक्षा दिए जाने पर चर्चा हुई । विगत वर्ष 2018 के महासभा के बाद मिलन समारोह किए जाने थे,जिसे इस वर्ष के अंत तक कर लिए जाने पर आम सहमति बनी। अपनी परम्परा उराँव संस्कृति, रीति-रिवाज, पूजा पद्धति, बोली-भाषा एवं शादी-ब्याह जैसे विभिन्न दस्तूर को बिना आडंबर के पूजा पाठ को अक्षुण बनाए रखने पर बल दिया गया। राज्य शासन द्वारा दिए जाने वाले अवकाश के मद्देनज़र "सरहूल परब एवं करम परब" को क्षेत्रीय स्तर पर एक जगह मनाए जाने पर चर्चा हुई। आगामी वर्ष कुवाँर पूर्णिमा के दिन 'फुलझर क्षेत्र' में एक साथ एक जगह ' करम परब ' मनाने पर चर्चा हुई। फुलझर क्षेत्र के किसी गाँव में एक वृहत मैदान (अखड़ा) निर्माण पर चर्चा हुई। फुलझर क्षेत्र के सामाजिक अगुवाओं द्वारा विभिन्न विवादित मुद्दों पर अनाप-सनाब व फ़िज़ूल ख़र्च किए जाने की घोर निंदा किया गया तथा इस पर हस्तक्षेप किए जाने पर बल दिया गया. फुलझर क्षेत्र से संबंधित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से पहले से निर्धारित मासिक सहयोग राशि जमा करने को पुनः बहाल करते हुए रुपए 200/- से 500/- प्रति माह प्रत्येक सदस्य से आम सहमति के आधार पर सुनिश्चित किया जाना तय हुआ है। अतः उपरोक्त सभी बिन्दुओं पर आप सभी समाजिक बंधुओं का विचार एवं सहयोग अपेक्षित है! उक्त औचक बैठक में प्रमुख रुप से जिला युवा उरांव समाज के जिला संरक्षक एस आर उरांव,सुरोतीलाल लकड़ा,जिला सलाहकार जनकराम उरांव,जिला अध्यक्ष शिवलाल लकड़ा,जिला उपाध्यक्ष ब्रम्हाओम केरकेट्टा,एतवारु उरांव,जिला सचिव श्यामलाल उरांव,फुलझर उरांव समाज के कोषाध्यक्ष जोहीलाल उरांव, सचिव तिजराम उरांव सहित अन्य प्रबुद्धजनों की विशेष उपस्थिति रही.