नन्ही त्रिशिका की जिंदगी के लिए उठे मदद के हाथ, किन्नर समाज ने लोगों से की सहयोग की अपील

नन्ही त्रिशिका की जिंदगी के लिए उठे मदद के हाथ, किन्नर समाज ने लोगों से की सहयोग की अपील
   सुनील कुमार सरायपाली (छत्तीसगढ़ महिमा)। 02 अक्टूबर 2026,ओडिशा की नन्ही बच्ची त्रिशिका गंभीर बीमारी एसएमए (Spinal Muscular Atrophy) से जूझ रही है। बीमारी के इलाज के लिए बड़ी धनराशि की आवश्यकता बताई जा रही है। ऐसे कठिन समय में त्रिशिका और उसके परिवार के लिए समाज के विभिन्न वर्गों से मदद के हाथ आगे बढ़ रहे हैं। इसी मानवीय पहल में किन्नर समाज के सदस्यों ने भी अपनी सहभागिता दर्ज कराते हुए लोगों से बच्ची के उपचार में सहयोग की अपील की है। पुष्पा राज,लुगरावाली बवाल भालू किन्नर समाज की राधिका जान और यश ने त्रिशिका की मदद के लिए लोगों के बीच पहुंचकर जागरूकता अभियान चलाया। हाथों में त्रिशिका की मदद की अपील वाले पोस्टर लेकर उन्होंने लोगों से अपनी सामर्थ्य के अनुसार आर्थिक सहयोग करने का आग्रह किया।
“नन्ही योद्धा त्रिशिका SMA से लड़ रही हैं
जिंदगी की दौड़ में अब हर पल कीमती है।”
 इस संदेश के साथ लोगों से बच्ची के उपचार के लिए आगे आने की अपील की गई। इस पहल का उद्देश्य केवल आर्थिक सहयोग जुटाना ही नहीं, बल्कि त्रिशिका की मदद की अपील को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना भी है। अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि किसी जरूरतमंद की जिंदगी बचाने के लिए किया गया छोटा-सा सहयोग भी उसके परिवार के लिए बड़ी उम्मीद बन सकता है। किन्नर समाज के सदस्यों ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि त्रिशिका गंभीर बीमारी से जूझ रही है और उसके इलाज के लिए आर्थिक सहायता की आवश्यकता है। ऐसे में समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार सहयोग करे, ताकि बच्ची के परिवार को इस कठिन दौर में सहारा मिल सके।
        इंसानियत से बड़ी कोई पहचान नहीं
त्रिशिका की मदद के लिए किन्नर समाज की यह पहल सामाजिक संवेदनशीलता और मानवीय एकजुटता का संदेश दे रही है। यह पहल बताती है कि इंसानियत किसी जाति, धर्म या वर्ग की मोहताज नहीं होती। जब किसी मासूम की जिंदगी का सवाल हो, तो मदद के लिए बढ़ा एक छोटा-सा हाथ भी उम्मीद की बड़ी किरण बन सकता है। फिलहाल जरूरत है कि त्रिशिका की मदद की यह अपील अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे। समाज के लोग अपनी क्षमता के अनुसार सहयोग करें और इस नन्ही बच्ची के इलाज की राह को आसान बनाने में सहभागी बनें। परिवार के लिए हर सहयोग केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि मुश्किल घड़ी में मिलने वाला विश्वास, संबल और उम्मीद भी है।