रायपुर (छत्तीसगढ़ महिमा)। 31 अगस्त 2026, छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग ने जुलाई 2026 से समाचार पत्र-पत्रिकाओं को प्रदर्शन विज्ञापन प्रदाय करने के लिए आवेदन प्रक्रिया में आवश्यक दस्तावेजों और घोषणाओं को स्पष्ट किया है। नई प्रक्रिया के तहत प्रकाशकों को निर्धारित प्रारूप में आवेदन प्रस्तुत करने के साथ-साथ प्रकाशन, प्रसार संख्या, सोशल मीडिया अकाउंट, कॉपीराइट और मुद्रण संबंधी प्रमाण-पत्र भी देना होगा। निर्धारित आवेदन में प्रकाशक को आयुक्त, जनसंपर्क संचालनालय, ब्लॉक-ए, ग्राउंड फ्लोर, इंद्रावती भवन, अटल नगर, नवा रायपुर को संबोधित करते हुए संबंधित माह के लिए प्रदर्शन विज्ञापन प्रदाय करने का अनुरोध करना होगा। आवेदन में प्रकाशन की नियमितता तथा राज्य शासन की विज्ञापन नियमावली 2019 के प्रावधानों की जानकारी होने का उल्लेख करना अनिवार्य किया गया है।
एक प्रकाशन के संबंध में देनी होगी घोषणा
आवेदक को यह घोषणा भी करनी होगी कि उसका केवल एक ही प्रकाशन है और उसके अथवा परिवार के किसी सदस्य के अन्य प्रकाशन को जनसंपर्क संचालनालय से विज्ञापन प्राप्त नहीं हो रहा है। यदि ऐसी जानकारी गलत पाई जाती है तो प्रदत्त विज्ञापन राशि की वसूली के साथ भविष्य में विज्ञापन से वंचित किए जाने की कार्रवाई की जा सकती है।
सोशल मीडिया अकाउंट की जानकारी भी जरूरी
आवेदन के साथ प्रकाशन के स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक अथवा संपादक के सोशल मीडिया अकाउंट की जानकारी भी देनी होगी। इसमें फेसबुक अकाउंट का नाम एवं फॉलोवर संख्या, ट्विटर अकाउंट का नाम एवं फॉलोवर संख्या तथा इंस्टाग्राम अकाउंट का नाम एवं फॉलोवर संख्या शामिल है। इसके अलावा प्रकाशन का टाइटल पी.आर.जी.आई. की डिफंक्ट सूची में शामिल नहीं होने संबंधी घोषणा भी आवेदन प्रक्रिया का हिस्सा होगी।
इन दस्तावेजों को करना होगा संलग्न
प्रदर्शन विज्ञापन के लिए आवेदन के साथ पी.आर.जी.आई. पंजीयन प्रमाण-पत्र की स्वहस्ताक्षरित प्रति, जिला जनसंपर्क कार्यालय द्वारा जारी नियमित प्रमाण-पत्र की छायाप्रति, डीएव्हीपी/एबीसी/सी.ए. से संबंधित प्रसार संख्या का प्रमाण-पत्र, यदि उपलब्ध हो तो सी.बी.सी. दर की छायाप्रति तथा प्रकाशन के नवीनतम अंक की प्रति संलग्न करनी होगी।
संपादक और मुद्रक को भी देना होगा प्रमाण-पत्र
नई प्रक्रिया में संपादक के प्रमाण-पत्र में पत्रिका में प्रकाशित समाचार,लेख एवं छायाचित्रों की मौलिकता तथा स्वयं के स्रोत से सामग्री एकत्र किए जाने की जानकारी देनी होगी। अन्य स्रोतों से प्रकाशित सामग्री के लिए संबंधित स्रोत को क्रेडिट लाइन देने और भारतीय कॉपीराइट एक्ट, 1957 की धारा 51 का उल्लंघन नहीं किए जाने का प्रमाण भी देना होगा। साथ ही अल्टर मुद्रण का उपयोग नहीं किए जाने की घोषणा करनी होगी। मुद्रक के प्रमाण-पत्र में मुद्रणालय का नाम, संबंधित माह में मुद्रित प्रतियों की संख्या तथा अल्टर मुद्रण नहीं किए जाने की घोषणा शामिल होगी। इसके साथ यह भी प्रमाणित करना होगा कि पत्रिका का डिजिटल प्रिंट नहीं किया गया है।
जनसंपर्क विभाग की इस नई प्रक्रिया से विज्ञापन प्रदाय व्यवस्था में प्रकाशनों की नियमितता, वास्तविक प्रसार संख्या, सामग्री की मौलिकता और मुद्रण प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। प्रकाशकों को निर्धारित जानकारी एवं प्रमाण-पत्रों के साथ आवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।