धर्मगुरू बालदास साहेब ने गिरौदपुरी धाम मेला विकास समिति की बैठक लेकर गिरौदपुरी धाम का चहुंमुखी विकास पर दिया जोर

बलौदाबाजार (छत्तीसगढ़ महिमा)। 28 अगस्त 2026, गत दिनों 26 अगस्त दिन बुधवार को छत्तीसगढ़ के महान संत शिरोमणि गुरू घासीदास बाबा जी की जन्म कर्म तपों महिमा परम पावन दर्शन भूमि गिरौदपुरी धाम में धर्मगुरू बालदास साहेब अध्यक्ष गिरौदपुरी धाम मेला विकास समिति के नेतृत्व में समाज के प्रबुद्धजनों और गिरौदपुरी धाम मेला समिति के सदस्य तथा युवराज सोमेश साहेब, गुरू सौरभ साहेब की उपस्थिति में 01 दिवसीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में गिरौदपुरी धाम को विश्व पटल पर सर्व सुविधा युक्त धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने पर विस्तृत चर्चा किया गया।
इस बैठक में जनप्रतिनिधि राजमहंत, जिलामहंत, महंत गण,भंडारी,सांटीदार,सतनाम धर्म महासभा,सतनाम आध्यात्मिक शक्ति परिवार,अखिल भारतीय सतनाम सेना एवं प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज के पदाधिकारी गण अधिक संख्या में उपस्थित रहे!
समस्त बुद्ध जीवियों की ओर से पूर्व डीआईजी एचआर मनहर ने गिरौदपुरी धाम मेला परिसर की विकास कार्य पर मुख्य 15 बिंदुओं को लिखित में धर्मगुरू बालदास साहेब को अवगत करा कर कहा - गिरौदपुरी धाम में न केवल छत्तीसगढ़ से बल्कि पूरे भारत एवं विदेशी पर्यटक भी यहां घूमने आते हैं और संत गुरु घासीदास बाबा जी के सतनाम के अमर संदेश मानव- मानव एक समान को आत्मसात करते हैं जो पूरे विश्व में फैल रहा है।
गिरौदपुरी धाम मेला परिसर का विकास कार्य योजना
1. गिरौदपुरी धाम परिसर एवं मेला संचालन तथा अन्य समाजिक गतिविधियों के सुचारू संचालन हेतु ट्रस्ट घोषित किया जाए। 2. मुख्य द्वार से मुख्य मंदिर परिसर तक गुणवत्ता पूर्ण सेड निर्माण कार्य। 3. प्रवेश द्वार से लेकर मुख्य मंदिर कुतुबमीनार से ऊंचा जैतखाम परिसर, चरण कुंड,अमृत कुंड, पांच कुंड, महकोनी अमर गुफा में सीसीटीवी कैमरा से लैस हो। 4. संत गुरु घासीदास बाबा जी के जन्म स्थल एवं संबंधित सभी मंदिरों का उल्लेख किया जाए ताकि दर्शनार्थियों को उनके बारे में उनका महत्व पता चल सके। 5. करूणा माता जलाशय के सीपेज को सिंचाई विभाग के माध्यम से रोकथाम एवं सौंदर्य करण किया जाए। 6. उपयुक्त स्थान पर सार्वजनिक संस्कृति मंच सर्व सुविधा युक्त हो जिसमें दो कमरे बाथरूम समेत अटैक हो। 7. संत गुरु घासीदास बाबा जी के जन्मस्थल को उच्च आधुनिकीकरण के उच्चय गुणवत्तापूर्ण निर्माण किया जाए। 8. गिरौदपुरी धाम बस्ती से लेकर मुख्य प्रवेश द्वार तक सर्वसुविधा युक्त धर्मशाला का निर्माण हो। 9. छाता पहाड़ के पास योग केंद्र विश्राम ध्यान साधना केंद्र बनाया जाए जहां पूर्ण रूप से ध्वनि प्रदूषण प्रतिबंधित हो। 10. पंचकुंड मंदिर के सीढ़ी के ऊपर सेड निर्माण हो। 11. जोक नदी के किनारे 20 शौचालय,सेड एवं पचरी का निर्माण हो। 12. अब तक निर्मित धर्मशालाओं मेला अवधि में पानी का नियमित सप्लाई रखा जाए। 13. करूणा माता जलाशय से चरण कुंड पहुंच मार्ग सीसी रोड निर्माण कार्य हो। 14. छाता पहाड़, पांच कुंड, अमृत कुंड, चरण कुंड पास संत श्रद्धालुओं दर्शनार्थियों पर्यटकों धूप बारिश में विश्राम के लिए भवन शेड का निर्माण कार्य हो। 15. अमर गुफा महकोनी पहुंच मार्ग सीसी रोड निर्माण हो और मुख्य मार्ग से अमर गुफा तक सीढ़ी निर्माण कार्य और वहां सतनाम भवन का निर्माण हो।
धर्मगुरु बालदास साहेब ने बैठक में संत समाज को किया सम्बोधित
धर्मगुरु बालदास साहेब ने उपस्थित संत समाज को संबोधित करते हुए कहा - हमें खुद को ऐसा बनाना है ताकि किसी से मांगना ना पड़े बल्कि हममें इतना एकता होना चाहिए ताकि सरकार खुद हमसे आकर पूछे कि हमें क्या जरूरत है, उन्होंने आगे कहा कि पहले मैं भी सोंचता था कि हमारे समाज के लोग गरीब हैं लेकिन आज के समय में हमारे समाज में भी एक से बढ़कर एक पैसे वाले लोग हैं। हर क्षेत्र में पढ़े-लिखे नेता अधिकारी- कर्मचारी बिजनेसमैन है जो हमारे लिए गर्व की बात है। उन्होंने आगे कहा कि गिरौदपुरी धाम में विकास कार्य हो रही है और जो कोई भी व्यक्ति इन विकास कार्यों के बीच में अरचन करेगा उसको मजबूती से जवाब दिया जाएगा। गुरू साहेब ने देर शाम तक समाज के बुद्धजीवियों के साथ प्रवेश द्वार से मुख्य मंदिर तक बन रहे ट्रेड निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया और मुख्य मंदिर में गुरु गद्दी का दर्शन कर मत्था टेक संत गुरु घासीदास बाबा जी से आशीर्वाद लिया।
गुरू सोमेश साहेब ने भी समाज को संबोधित किया
गुरू सोमेश साहेब ने कहा - आज बहुत ही हर्ष और खुशी का विषय है कि गिरौदपुरी धाम को पूरे विश्व पटल पर प्रदर्शित करने के लिए इसे सर्व सुविधा युक्त बनाने की योजना तैयार की गई है। आने वाले संतों और श्रद्धालुओं के लिए ठहरने,भोजन-भंडारे,गुरुवाणी मंच (सत्संग स्थल),पेयजल और आवागमन की बेहतर व्यवस्था के लिए खाका तैयार किया गया है। इसके साथ ही निर्णय लिया गया कि विकास कार्यों के लिए सरकार के समक्ष अपनी मांगें और अधिकार तो रखे ही जाएंगे, साथ ही समाज का हर व्यक्ति सतनामी समाज के स्वाभिमान को बनाए रखते हुए अपना खुद का योगदान भी देगा। यदि इस विकास कार्य में किसी भी असामाजिक तत्व या व्यक्ति द्वारा कोई बाधा उत्पन्न करने का प्रयास किया गया, तो उसके खिलाफ सामाजिक, धार्मिक और कानूनी स्तर पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।” गिरौदपुरी धाम को एक आदर्श और सर्व सुविधायुक्त धार्मिक स्थल के रूप में विकसित करने के लिए समाज ने एकजुट होकर प्रयास करने का संकल्प लिया है। उन्होंने समाज के बुद्धजीवियों को गुरु वाणी व गुरु संदेश दिया साथ ही जय स्तंभ की महत्व को विस्तार पूर्वक बताया।
युवराजगुरु गुरू सौरभ साहेब का उद्बोधन
निश्चित ही आज बड़ा खुशी का दिन रहा कि परम पूज्य गुरु घासीदास बाबा जी के जन्मस्थल गिरौधपुरी धाम में हमारे समाज के प्रमुख और मुखिया धर्मगुरु बालदास साहेब के नेतृत्व में सतनाम धर्म महासभा की महाबैठक किया गया। इसमें गिरौदपुरी धाम के चहुंमुखी विकास को लेकर और अनेक विषयों पर चर्चाएं हुआ। संत श्रद्धालुओं दर्शनार्थियों पर्यटकों के आवागमन, सुख - सुविधाओं और सर्व ध्यान रखते हुए यह बैठक आयोजित किया गया। यदि किसी भी प्रकार से किसी के द्वारा बाधा उत्पन्न की जाएगी, तो निश्चित तौर पर कानूनी और सामाजिक कड़ी कार्रवाई की जाएगी। धर्मगुरु बालदास साहेब ने वचन दिया है कि पूरे समाज मिलकर उन्नति और विकास को तीव्र गति से प्रारंभ करेंगे और अंतिम लक्ष्य तक पहुंचाएंगे।
सामाजिक एकजुटता पर दिया गया जोर
बैठक के अंत में समाज प्रमुखों ने स्पष्ट किया कि गिरौधपुरी धाम के विकास में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न करने वालों के खिलाफ सख्त रवैया अपनाया जाएगा। समाज और सरकार के सहयोग से इस पावन धाम को नए आयाम पर ले जाने का लक्ष्य तय किया गया है। सतनामी समाज के इस एकजुट प्रयास से गिरौधपुरी धाम आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को आने वाले समय में बेहतर सुविधाएं और सुगम व्यवस्थाएं मिल सकेंगा।

राजमहंत डॉ.बसंत अंचल ने समाज हित में रखे विचार
राजमहंत डॉ.बसंत अंचल ने कहा - गिरौदपुरी धाम में धर्मगुरु बालदास साहेब के सानिध्य में, युवराज गुरु सोमेश साहेब, गुरु सौरभ साहेब के साथ-साथ हम सब संत समाज के लोगजो विभिन्न जिलों से आए हुए हैं। सब लोगों ने इस बैठक में गिरौदपुरी के चहुंमुखी विकास के लिए कार्ययोजना गुरू साहेब के मार्गदर्शन में तैयार की है।

हम सभी चाहते हैं कि यह गुरु धाम परम पूज्य गुरु घासीदास बाबा जी की चाहे तपोभूमि हो, ध्यान स्थली हो या जन्मस्थली सबका चहुंमुखी विकास हो और यह विकास विश्व के पटल पर स्थापित हो। हमने गुरु जी से मांग की है कि इसके सर्वांगीण विकास में हम सब आपके साथ हैं। सरकार के साथ - साथ समाज के सहयोग से इसका विकास करने के लिए हम सभी ने सहमति दी है। यदि कोई भी राजनीतिक कारण से या किसी भी वजह से विकास में व्यवधान पैदा करने की कोशिश करेगा, तो पूरा समाज एकजुट होकर उसका विरोध करेगा और उसे सबक सिखाएगा। बैठक में सैकड़ो की संख्या में समाज के बुद्धिजीवी जन उपस्थित रहे।