छत्तीसगढ़ महिमा रायपुर। 7 मई 2022, अंबिकापुर अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति के द्वारा सरगुजा जिले के अंबिकापुर गांधी चौक जेल भरो आंदोलन में पूरे प्रदेश के पत्रकार इकट्ठा हुए थे और छत्तीसगढ़ सरकार से अपनी जायज मांगों को रखें जिसमें पहला मांग था (1)पत्रकार सुरक्षा कानून लागू हो (2) छत्तीसगढ़ में फर्जी f.i.r. पत्रकारों पर बंद हो (3) पत्रकार पर फर्जी एफ आई आर कर साजिश के तहत जेल में बंद है उन्हे निशर्त रिहा किया जाए (4) पत्रकारों का शोषण बंद हो। इन्ही मांगों को लेकर इस आंदोलन का नाम जेल भरो आंदोलन रखा गया था और सभी पत्रकार इस जेल भरो आंदोलन में अपना समर्थन दिए और एसपी ऑफिस में गिरफ्तारी देने पहुंचे जिससे पुलिस प्रशासन में सैकड़ों पत्रकारों को गिरफ्तारी करने में इंकार कर दिया। पुलिस प्रशासन को राज्यपाल के नाम ज्ञापन दिया गया जिसमें प्रदेश में पत्रकारों पर प्रताड़ना पर संज्ञान लेने व पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने प्रदेश सरकार को आदेश देने की बात कही।
अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति छत्तीसगढ़ के प्रदेशध्यक्ष गोविन्द शर्मा ने भूपेश सरकार को अपना वादा याद दिलाया कि प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल ने कहा था कि सरकार बनने पर पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करेंगे लेकिन सरकार को 4 वर्ष होने जा रहे लेकिन सरकार अपने वादे से मुकर रही है यदि भूपेश सरकार इस विधानसभा सत्र के पहले सुरक्षा कानून लाने की बात नहीं करते है तो आने वाले विधानसभा सत्र के पहले राजधानी में प्रदेश के पत्रकार सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे। पत्रकारों के धरना स्थल में भाजपा के दिग्गज नेता राज्यसभा सांसद रामविचार नेताम,खुलकर समर्थन किए, पार्षद एवं नेता आलोक दुबे, पूर्व सांसद कमलभान सिंह,भाजपा पिछड़ा वर्ग प्रदेशध्यक्ष अखिलेश सोनी,भाजयुमो जिलाध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर,नेता समाज सेवी सीता राम भास्कर, पूर्व जिला पंचायत सदस्य, जयनाथ केराम गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के संभागीय अध्यक्ष इन्होंने भी खुलकर पत्रकारों का समर्थन किया। पत्रकारो की जायज मांगों पर सरकार को चेताया कि पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार छत्तीसगढ़ सरकार कर रही है वो सही नहीं है। भाजपा के कद्दावर नेता रामविचार नेताम ने पत्रकारों का समर्थन करते हुए राज्यसभा संसद में भी आवाज उठाएंगे और छत्तीसगढ़ के विधानसभा में भी भाजपा के नेता पत्रकार सुरक्षा कानून एवं पत्रकारों के विभिन्न मांगों को लेकर सरकार को घेरने काम करेंगे। और प्रश्न करेंगे पत्रकार देश के लोकतंत्र के चौथे स्तंभ है पत्रकारों के साथ ऐसा दुर्व्यवहार नहीं करना चाहिए और पत्रकारों को सभी जायज मांगों को सरकार को माननी चाहिए।
अम्बिकापुर के धरना एवं जेल भरो आंदोलन में प्रदेश के तीन सौ से अधिक पत्रकरो ने पहुंच कर समर्थन दिया। आगे होने वाले विधानसभा सत्र के पहले राजधानी में होने वाले आंदोलन में इससे अधिक संख्या के साथ राजधानी पहूंच कर भूपेश सरकार के खिलाफ हल्ला बोलने की बात कही।"त्रिलोक कपूर कुशवाहा प्रेस क्लब अध्यक्ष अंबिकापुर"
पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने एवं विधानसभा में बात पहुंचाने को लेकर उन्होंने बताया कि प्रदेश भर में कई पत्रकारों की हत्या एवं दुर्भावना तरीके से f.i.r. कर उन्हें जेल भेज दिया जाता है सरकार को जल्द से जल्द पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करना चाहिए।
"पार्षद एवं नेता आलोक दुबे"
भाजपा के नेता आलोक दुबे ने कहा कि भारत सम्मान के पत्रकार भाई जितेंद्र जयसवाल ने भू माफियाओं के कारगुजारी को उजागर किया। इसलिए वैसे संघर्ष एवं निर्भीक पत्रकार को षडयंत्र पूर्वक कार्रवाई कर फर्जी मुकदमे में जेल भेज दिया गया ऐसे पत्रकारों को मेरा सलाम है।
"पूर्व सांसद कमल भान सिंह "
भाजपा के पूर्व सांसद रहे कमलभान सिंह ने छत्तीसगढ़ के वर्तमान सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि पत्रकार सुरक्षा कानून को लेकर जो बात प्रदेश के मुखिया ने कही थी अगर पूरा नहीं कर सकते तो कुर्सी छोड़ दें मैं इस धरना प्रदर्शन एवं पत्रकार सुरक्षा आंदोलन का समर्थन करता हूं।
"पिछड़ा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सोनी"
अभिव्यक्ति की आजादी को छीन रही छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार। पत्रकारों के साथ ऐसी घटना काफी निंदनीय है पत्रकारों की इस लड़ाई में भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता पत्रकारों के साथ है।
"जयराम केराम (संभागीय अध्यक्ष) गणतंत्र गोंडवाना पार्टी"
कलमकारों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है भूपेश सरकार वादा खिलाफी कर निर्भीक एवं निष्पक्ष पत्रकारों को जेल भेजने का तरीका सही नहीं है अगर जेल में बंद निर्दोष पत्रकारों को नि शर्त रिहा नहीं करती है तो गणतंत्र गोंडवाना पार्टी आंदोलन के लिए बाध्य होगी।
"डीके सोनी अधिवक्ता एवं आरटीआई कार्यकर्ता"
प्रशासन का पत्रकारों के साथ रवैया बिल्कुल ठीक नहीं है निर्भीक एवं निष्पक्ष पत्रकारों के समर्थन में हम सदैव खड़े हैं। पिछले कई पत्रकारों के आंदोलनों में हमारा समर्थन रहा है और आगे भी रहेगा।
"पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल"
बृजमोहन अग्रवाल ने ट्वीट करके बताया कि छत्तीसगढ़ में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हाल ऐसा है कि पत्रकार तक अपनी आवाज बुलंद नहीं कर पा रहे हैं। जनहित के मुद्दे उठाने वाले "भारत सम्मान" के पत्रकार जितेंद्र जयसवाल आज 1 महीने से जेल में बंद है। झूठे मुकदमे से किसी का हौसला तोड़ सकते हैं इस गलतफहमी में न रहिएगा
