नया खाई के अवसर पर अपने पैतृक गांव पहुंचे मुख्यमंत्री, ग्रामीणों से की देर तक चर्चा
प्रेस छत्तीसगढ़ महिमा पाटन। 15 अक्टूबर 2021, जिले दुर्ग के विधान सभा क्षेत्र पाटन के ग्राम पंचायत खम्हरिया के सतनाम गुरूद्वारा भवन में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से प्रकाशित प्रेस छत्तीसगढ़ महिमा सुघर गांव की कार्यालय संचालित होते रहे हैं। जिस ग्राम पंचायत मुख्यालय खम्हरिया के आश्रित ग्राम कुरूदडीह आते हैं वे प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की गृह ग्राम भी है। नया खाई एवं नया पानी के अवसर पर अपने गांव कुरूदडीह में पूजा करने पहुंचे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस अवसर पर उपस्थित ग्रामीण जनों से बातचीत की। पुनित राम घृतलहरे खम्हरिया निवासी संवाददाता पाटन प्रेस छत्तीसगढ़ महिमा ने मुख्यमंत्री श्री बघेल को पाटन विधान सभा क्षेत्र प्रेस कार्यालय संचालन सतनाम गुरूद्वारा भवन खम्हरिया की मरम्मत जीर्णोद्धार टाई ल ग्रील अहाता एवं सौंदर्यकरण, नवीन जैतखाम निर्माण एवं सौंदर्यीकरण निर्माण विकास कार्यों को सरकार की तीन वर्ष प्रगतिरत होते हुए भी पूर्व में मांग पत्र प्रेषित किया गया आज पर्यन्त तक लंबित होने की बात कह उन्हे शीघ्र राशि स्वीकृत कर पूर्ण कराने अवगत कराया। साथ ही अपने स्वास्थ्य अधिक खराब लोकवा ग्रसित होते हुए भी पत्रकारिता और समाज सेवा में समर्पित भाव को कहते हुए लंबित स्वेच्छानुदान राशि स्वीकृत करने और प्रेस छत्तीसगढ़ महिमा सुघर गांव की प्रकाशन में भी विशेष रूप से सहयोग करने आग्रह किया। उनके सुपुत्र चैतन्य बघेल और ओ.एस.डी.आशीष वर्मा को भिलाई 3 निवास में कई बार मांग पत्र प्रेषित करने की बात कही।मुख्यमंत्री श्री बघेल ने गंभीरता से लेते हुए पुनीत राम घृतलहरे को उनके अवगत कराए कार्यों को शीघ्र पहल करने की आश्वासन दिए हैं। मुख्यमंत्री हर दशहरे के अवसर पर नया खाई में अपने पैतृक घर कुरूदडीह ग्राम पंचायत खम्हरिया में पूजा करते आ रहे हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस अवसर पर ग्रामीण जनों से पूछा कि नया खाई की पूजा हो गई क्या। उन्होंने कहा कि हर साल दशहरे में आपके साथ बहुत अच्छा लगता है। ग्रामीणों ने भी कहा कि हम भी उत्सुकता से इस दिन का बेसब्री से इंतजार करते रहते हैं। इस मौके पर अपने गांव के पुराने दोस्तों से भी उन्होंने बातें की। भूपेश बघेल ने अपने बचपन के दिनों को भी साझा किया। उन्होंने बताया कि किस तरह से वह अपने साथियों के साथ गांव की विभिन्न गलियों में घूमा करते थे। अपने दोस्त नारायण से पूछा कि चश्मा कब लग गया - अपने दोस्त नारायण को देखकर उन्होंने पूछा- तुम्हें चश्मा कब लग गया। गांव की बुजुर्ग महिलाओं से भी उन्होंने चर्चा की। उन्होंने कहा की मैं आप सबकी दुख तकलीफ में हमेशा साथ खड़ा हूं। गांव की सेवा के लिए हमेशा आपके साथ खड़ा हूं। गांव की महिलाओं ने छत्तीसगढ़ी में मुख्यमंत्री को कहा कि तय नहीं हरबे हमर दुख ला तो कौन हरहि, आपसे ही उम्मीद है अच्छा करत हव, अच्छा होही। चर्चा के दौरान यह पता चला कि गांव के कुछ लोगों का नाम मुख्यमंत्री ने ही रखा है। ग्रामीणों से हुई चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि जिन ग्रामीणों से बातचीत हो रही है उनमें से कुछ का नाम तो उन्होंने ही रखा है। मुख्यमंत्री ने मौके पर बच्चों से और बुजुर्गों से भी बातचीत की। पिछली दफा जब मुख्यमंत्री आए थे तब एक बुजुर्ग ने कहा था कि उन्होंने हेलीकॉप्टर नहीं देखा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दफा वह हेलीकॉप्टर में आए हैं बच्चों के लिए और बुजुर्गों के लिए हेलीकॉप्टर का विशेष कौतूहल होता है। आज आप नया खाई मनाइए और हेलीकॉप्टर भी देख लीजिए। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने गोधन न्याय योजना के क्रियान्वयन की जानकारी भी ली। गांव के एक बुजुर्ग ने बताया कि वह हर दिन 80 रुपये का गोबर बेच लेते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह से गोबर के माध्यम से भी अतिरिक्त आय आप लोग हासिल कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने भूमिहीन किसानों को भी राहत प्रदान करने के लिए योजना बनाई है। आप सभी उसका आवेदन जरूर करें। आप सभी अपने घर के पीछे केला, आम, नींबू का पेड़ जरूर लगाएं। आंगन में फलदार पेड़ होते हैं तो घर की सुंदरता भी बढ़ती है और बच्चों के पोषण के लिए फल भी मिलते हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि हम सब लोग खेती करते हैं। हमारी उपज का अच्छा दाम मिले, इस पर हमने कार्य किया है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की मांगे भी सुनी तथा इनसे संबंधित निर्माण कार्य आरंभ कराने के निर्देश कलेक्टर को दिए।