रायपुर (छत्तीसगढ़ महिमा)। 16 मई 2026,
देश के यशस्वी प्रधानमंत्री के पर्यावरण संरक्षण,ऊर्जा बचत एवं संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग को लेकर किए गए प्रेरणादायी आह्वान से प्रेरित होकर छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री श्रद्धेय गुरु खुशवंत साहेब ने एक महत्वपूर्ण,अनुकरणीय एवं जनहितकारी निर्णय लिया है। मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने अपने शासकीय भ्रमण एवं आवागमन के दौरान पायलट तथा फॉलो गाड़ियों का उपयोग तत्काल प्रभाव से बंद करने का निर्णय लिया है। मंत्री गुरु खुशवंत साहेब का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश केवल एक अपील नहीं,बल्कि राष्ट्रहित में जनभागीदारी का एक व्यापक अभियान है। यह आह्वान पर्यावरण संरक्षण,ऊर्जा संसाधनों के विवेक पूर्ण उपयोग तथा जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की भावना को और अधिक सशक्त करता है। उनका स्पष्ट मानना है कि जब जनप्रतिनिधि स्वयं से सकारात्मक शुरुआत करते हैं, तब समाज में परिवर्तन की नई दिशा निर्मित होती है। मंत्री गुरु साहेब ने यह भी कहा है कि आज देश को केवल विकास नहीं,बल्कि जिम्मेदार, संवेदनशील एवं सतत विकास की आवश्यकता है। ईंधन की बचत,प्रदूषण में कमी तथा शासकीय संसाधनों के संतुलित उपयोग की दिशा में यह एक छोटा किंतु अत्यंत सार्थक प्रयास है। इससे आमजन में भी जागरूकता बढ़ेगी तथा “देशहित पहले” की भावना और अधिक मजबूत होगी। मंत्री गुरु साहेब के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आत्मनिर्भरता,पर्यावरण संरक्षण एवं जन सहभागिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। ऐसे समय में प्रत्येक नागरिक का यह दायित्व बनता है कि वह अपने स्तर पर राष्ट्रहित में योगदान दे। शासन एवं प्रशासन से जुड़े लोगों को स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए,ताकि समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचे और जन मानस प्रेरित हो। प्रदेशवासियों से अपील करते हुए मंत्री गुरु साहेब ने कहा है कि सभी नागरिक प्रधानमंत्री के इस प्रेरणादायी आह्वान का अनुसरण करने का संकल्प लें। छोटे - छोटे प्रयास ही बड़े परिवर्तनों की नींव बनते हैं। यदि प्रत्येक व्यक्ति ऊर्जा बचत,ईंधन संरक्षण एवं पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जागरूक होकर कार्य करेगा,तो आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित,स्वच्छ एवं समृद्ध भारत का निर्माण संभव हो सकेगा। कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के इस निर्णय की विभिन्न सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों द्वारा सराहना की जा रही है। इसे सादगी,संवेदनशीलता,सुशासन एवं राष्ट्रहित के प्रति प्रतिबद्धता का प्रेरणादायी उदाहरण माना जा रहा है।