जिले के दो गौठानों में गौमूत्र की खरीदी 20 से
पशुपालकों को होगा फायदा
गौमूत्र गौठान समिति के जरिए खरीदा जाएगा। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार गौमूत्र में बॉयो फर्टिलाइजर और बॉयो इंसेक्टिसाइड तैयार किए जाते है। गौमूत्र में यूरिया सहित अनेक मिनरल और एन्जाइम्स भी होते है। फर्टिलाइजर के रूप में गौमूत्र इस्तेमाल से पौधों की ऊँचाई और जड़ में अच्छी वृद्धि होती है। मिट्टी में भी लाभकारी जीवाणु में वृद्धि होती है।
गौमूत्र का इस्तेमाल जैविक कीटनाशक बनाने में किया जाएगा। राज्य में कई जगहों पर जैव कीटनाशक पहले से बनाए जा रहें हैं। लेकिन अब इसे संगठित रूप दिया जा रहा है। गौमूत्र की खरीदी से पशुपालकों की आय में वृद्धि होगी और उनकी आर्थिक स्थिति भी और बेहतर होगी। पशुपालकों को इससे फायदा होगा। सरकार के इस कदम से गाय की बेहतर सुरक्षा होगी। पशुपालकों की भी आय बढ़ेगी