बाबा गुरु घासीदास जयंती पर मुख्यमंत्री का मुंगेली दौरा,सम्मान की घोषणाएँ, लेकिन औराबांधा शहादत स्थल आज भी उपेक्षा का शिकार

अरविंद बंजारा, छत्तीसगढ़ ब्यूरो चीफ 
मुंगेली । छत्तीसगढ़ महिमा । बाबा गुरु घासीदास जयंती के पावन अवसर पर कल छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुंगेली जिले के दौरे पर रहेंगे। सतनामी समाज के लिए यह दिन आस्था, सम्मान और सामाजिक चेतना का प्रतीक माना जाता है। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जिला प्रशासन तैयारियों में जुटा है, वहीं इस दौरे के बीच औराबांधा स्थित राजा गुरु बालकदास शहादत स्थल की स्थिति कई सवाल खड़े कर रही है। राजा गुरु बालकदास, बाबा गुरु घासीदास के पुत्र और सतनामी आंदोलन के महानायक थे। सामाजिक समानता और जातिगत अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष करते हुए उन्होंने 17 मार्च 1860 को औराबांधा में अपने प्राणों की आहुति दी। यह स्थल सतनामी समाज की आस्था का प्रमुख केंद्र है और शासन द्वारा इसे तीर्थस्थल का दर्जा भी दिया जा चुका है।

सरकार की ओर से शहादत स्थल के विकास के लिए करोड़ों रुपये की स्वीकृति, फिल्म को टैक्स फ्री करने जैसे फैसले सम्मान के प्रतीक माने गए, लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर पेश कर रही है। वर्तमान में औराबांधा शहादत स्थल पर धारा 144 लागू है, जिसके चलते श्रद्धालुओं के दर्शन पर रोक लगी हुई है। यह स्थिति शासन की घोषणाओं और क्रियान्वयन के बीच की दूरी को उजागर करती है।
मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान लालपुर, सेतगंगा सहित अन्य क्षेत्रों में विकास कार्यों के लोकार्पण प्रस्तावित हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या सामाजिक चेतना और बलिदान से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों को भी उतनी ही प्राथमिकता मिल रही है। यह परिदृश्य कथनी और करनी के अंतर की ओर इशारा करता है।

स्थानीय सतनामी समाज और क्षेत्रवासी लंबे समय से शहादत स्थल पर स्थायी स्मारक निर्माण, दर्शन व्यवस्था बहाल करने और स्वीकृत कार्यों को शीघ्र पूरा करने की मांग कर रहे हैं। बाबा गुरु घासीदास जयंती के अवसर पर लोगों की अपेक्षा है कि मुख्यमंत्री इस दिशा में ठोस निर्णय लेंगे और शहादत स्थल को लेकर बनी असंगति को दूर करेंगे।
आज औराबांधा का शहादत स्थल केवल एक ऐतिहासिक स्थान नहीं, बल्कि शासन की संवेदनशीलता की परीक्षा बन चुका है। मुख्यमंत्री का यह दौरा तय करेगा कि यह जयंती केवल औपचारिक आयोजन बनकर रह जाएगी या फिर घोषणाओं और ज़मीनी सच्चाई के बीच की दूरी को पाटने की दिशा में कोई निर्णायक संदेश भी देगी।